केरल हाईकोर्ट ने सबरीमला मंदिर के द्वारपालक (द्वारपाल) विग्रहों को हटाकर उन पर स्वर्ण-पत्र चढ़ाने से जुड़े मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को 29 जून 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रह सकती और इसे जल्द तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला सबरीमला मंदिर के श्रीकोविल के दोनों ओर स्थापित स्वर्ण-मढ़ित द्वारपालक प्रतिमाओं को हटाने और उन्हें स्वर्ण-पत्र चढ़ाने के लिए ले जाने से संबंधित है। इस संबंध में अदालत ने स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लेकर कार्यवाही शुरू की थी।
गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान SIT के जांच अधिकारी एस. ससीधरन, आईपीएस, व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए और जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश की।
न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और न्यायमूर्ति के.वी. जयकुमार की खंडपीठ ने जांच रिपोर्ट और अन्य सामग्री का अवलोकन किया। अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (National Metallurgical Laboratory) की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जांच का फोकस वर्ष 2025 में हुई स्वर्ण-मढ़ाई से जुड़ी गतिविधियों पर केंद्रित किया गया।
पीठ ने पाया कि जांच के दौरान जब्त किए गए दस्तावेज प्रतिमाओं को सबरीमला से हटाने और उनके परिवहन की घटनाओं का क्रम दर्शाते हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में शामिल व्यक्तियों की भूमिका से संबंधित पर्याप्त सामग्री एकत्र कर ली गई है।
जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि कथित आपराधिक साजिश और उस समय मंदिर प्रशासन से जुड़े कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी विस्तार से जांच की जा रही है।
पीठ ने कहा, “न्याय के हित में यह आवश्यक है कि जांच एक उचित समयसीमा के भीतर पूरी की जाए और इसमें अनावश्यक देरी न हो।”
जांच लगभग अंतिम चरण में पहुंचने की जानकारी दर्ज करते हुए हाईकोर्ट ने SIT प्रमुख को अंतिम अवसर प्रदान किया। अदालत ने निर्देश दिया कि 29 जून 2026 तक एक व्यापक रिपोर्ट दाखिल की जाए, जिसमें संबंधित व्यक्तियों की भूमिका, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संलिप्तता तथा अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आवश्यक समयसीमा का विवरण हो।
मामले की अगली सुनवाई 29 जून 2026 को होगी।
Case Details:
Case Title: Suo Motu v. State of Kerala & Others
Case Number: WP(C) No. 40608 of 2025
Judge: Justice Raja Vijayaraghavan V and Justice K.V. Jayakumar
Decision Date: June 18, 2026














