अभिवचन साधारणतः: 160+ हिंदी दीवानी ड्राफ्ट्स—धन/माल/सेवा वसूली, गारंटी‑बंधपत्र, लाइसेंसी बेदखली, कुर्की क्षतिपूर्ति, वसीयत/उपहार/विक्रय रद्द, ट्रस्ट, नोटिस आदि.
Quick Overview
FAQs
अभिवचन साधारणतः निर्देशिका में क्या उपलब्ध है?
हिंदी में 160+ दीवानी ड्राफ्ट्स: धन/माल/सेवा वसूली, गारंटी/बॉन्ड, लाइसेंसी बेदखली, कुर्की क्षतिपूर्ति, ट्रस्ट क्रियान्वयन, विदेशी निर्णय पर वाद, विक्रय/उपहार/वसीयत रद्दकरण, धारा 106 TPA नोटिस आदि.
इन ड्राफ्ट्स का उपयोग किसके लिए किया जा सकता है?
दीवानी वाद, नोटिस एवं प्लीडिंग तैयार करने हेतु—जैसे मूल्य/सेवा का बकाया, अनुबंधभंग, क्षतिपूर्ति, गारंटी प्रवर्तन, लाइसेंस रद्दीकरण व बेदखली, दस्तावेज रद्दकरण, ट्रस्ट/चार्ज प्रवर्तन.
एक मानक दीवानी वाद में किन बातों का ध्यान रखें?
कारण‑शीर्षक, पक्षकार विवरण, न्यायक्षेत्र, तथ्यों का क्रम, कारण‑ए‑कार्रवाई, राहत/अंतरिम राहत, मूल्यांकन व न्याय शुल्क, सूची‑ए‑दस्तावेज, सत्यापन/हलफनामा शामिल करें.
धन/माल/सेवा वसूली के वाद में आवश्यक तत्व क्या हैं?
देयता का आधार (चालान/समझौता), आपूर्ति/सेवा का प्रमाण, दर/मूल्य, बकाया गणना व ब्याज क्लॉज, नोटिस/डिमांड का उल्लेख, सीमाबंदी (Limitation) का अनुपालन.
विक्रय/उपहार/वसीयत रद्द करने के वाद में क्या दर्शाएं?
दस्तावेज़ का विवरण, निष्पादन की परिस्थितियाँ, कपट/अनुचित प्रभाव/क्षमता का अभाव, कारण व साक्ष्य, हाशिए की राहत (कब्ज़ा/Entries), स्टैंप/रजिस्ट्रेशन स्थिति.
गारंटी/प्रतिभूति बंधपत्र के प्रवर्तन हेतु क्या plead करें?
गारंटी शर्तें, मूल देनदार की चूक, नोटिस, भुगतान देनदारी, सहगारण्टर/सीमा (पीनल सम) का उल्लेख, सह‑देयता व उपरांत योगदान/सब्रोगेशन के अधिकार.
लाइसेंसी (Licensee) बेदखली व नुकसानी के वाद में क्या अंतर है?
बेदखली हेतु लाइसेंस का रद्द होना/नोटिस व कब्ज़े की मांग, जबकि नुकसानी हेतु अनधिकृत उपयोग की अवधि, उपयोग‑लाभ (mesne profits) की गणना व ब्याज दर्शाएं.
विदेशी निर्णय पर आधारित वाद कब दायर करें?
जब विदेशी न्यायालय का निर्णय धारा 13 CPC के अपवादों से प्रेरित न हो (अधिकार‑क्षेत्र, प्राकृतिक न्याय, धोखाधड़ी आदि का अभाव) और वह निर्णायक हो.
धारा 106 संपत्ति अंतरण अधिनियम का नोटिस कब देना चाहिए?
मासिक किरायेदारी/लाइसेंस समाप्ति हेतु उचित अवधि का समापन नोटिस; सेवा का प्रमाण (रजिस्टर्ड/कूरियर/ई‑मेल) संलग्न करें और नियमों के अनुसार भाषा/समयसीमा रखें.
सीमाबंदी (Limitation) और न्याय शुल्क के बारे में क्या सावधानियाँ हों?
उचित अनुच्छेद के तहत अवधि का हिसाब रखें; दिवानी न्याय शुल्क अधिनियम/राज्य नियमों अनुसार वसूली/घोषणात्मक/रद्दकरण वाद की फीस सही मूल्यांकन पर जमा करें.