राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर ने बापू नगर, राजेन्द्र मार्ग, मकान संख्या B-173 के बाहर प्रस्तावित डेयरी बूथ की स्थापना पर रोक लगा दी है। यह आदेश 25 अगस्त 2025 को न्यायमूर्ति समीर जैन ने दिया। यह मामला अजय शिवपुरी, (विजय शंकर शिवपुरी के पुत्र) द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान आया।
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि अधिकारियों ने डेयरी बूथ लगाने की अनुमति बिजली विभाग, पुलिस, पीडब्ल्यूडी आदि से आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लिए बिना दे दी। उनका कहना था कि बूथ बनने के बाद यह एक स्थायी संरचना बन जाएगा और इसका उपयोग दुकान, थोक किराना स्टोर या छोटे रेस्टोरेंट के रूप में भी किया जा सकता है।
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उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की अवैध संरचनाएँ –
- आवासीय क्षेत्रों में परेशानी (न्यूज़ेंस) पैदा करती हैं।
- निवासियों की गोपनीयता और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।
- जयपुर शहर में बिना किसी उचित दिशा-निर्देश के बनाई जा रही हैं।
अदालत ने गौर किया कि याचिकाकर्ता ने इस मामले में पीडब्ल्यूडी, स्थानीय पुलिस और बिजली विभाग जैसी जरूरी संस्थाओं को पक्षकार नहीं बनाया है।
साथ ही, अदालत ने कहा कि यह मुद्दा केवल व्यक्तिगत ही नहीं बल्कि सार्वजनिक महत्व का भी है क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है और बीएनएसएस की धारा 152 से संबंधित है।
न्यायालय ने टिप्पणी की:
“व्यवहार में देखा गया है कि ऐसे डेयरी बूथ अक्सर थोक किराना दुकानों या छोटे रेस्टोरेंट में बदल जाते हैं, जिससे लोगों को असुविधा होती है।”
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मामले की गहराई से जांच के लिए अदालत ने अजय प्रताप सिंह को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि –
- बापू नगर, गांधी नगर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण करें।
- सात दिनों के भीतर रिपोर्ट दें जिसमें डेयरी बूथों के आवंटन, मूल्य निर्धारण और बेचे जाने वाले सामान की जानकारी शामिल हो।
अदालत ने आदेश दिया कि प्रतिवादी संख्या 1 और 2 कोर्ट कमिश्नर को ₹55,000 शुल्क और अन्य खर्च अदा करें। साथ ही संबंधित पुलिस और विभागों को पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया गया।
अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट ने मकान संख्या B-173, राजेन्द्र मार्ग, बापू नगर के बाहर प्रस्तावित डेयरी बूथ की स्थापना पर अंतरिम रोक लगा दी है।
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याचिकाकर्ता के वकील को भी आवश्यक विभागों को पक्षकार बनाते हुए संशोधित वादपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर 2025 को होगी।
केस का शीर्षक: अजय शिवपुरी बनाम राजस्थान राज्य
केस का प्रकार: सिविल रिट याचिका (एस.बी. सिविल रिट याचिका संख्या 12717/2025)
याचिकाकर्ता: अजय शिवपुरी (विजय शंकर शिवपुरी के पुत्र)
प्रतिवादी: राजस्थान राज्य