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पलवल बच्ची हत्या मामला: हाईकोर्ट ने साक्ष्यों की जांच के बाद मौत की सजा पर फैसला सुनाया

Vivek G.

हरियाणा राज्य बनाम. वीरेंद्र @ भोलू और दूसरा, पलवल बच्ची हत्या केस में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सीसीटीवी व अन्य सबूतों की कमी पर मौत की सजा पर अहम फैसला सुनाया।

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पलवल बच्ची हत्या मामला: हाईकोर्ट ने साक्ष्यों की जांच के बाद मौत की सजा पर फैसला सुनाया
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चंडीगढ़ में Punjab and Haryana High Court की अदालत में मंगलवार को सन्नाटा सा पसरा रहा। पलवल की पांच साल की बच्ची के दुष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में जब डेथ रेफरेंस और अपीलों पर फैसला सुनाया जाना था, तो हर आंख उसी पल पर टिकी थी। यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि न्याय प्रणाली की परीक्षा भी बन चुका था।

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Background

मई 2018 की यह घटना हरियाणा के गांव असावटी की है। बच्ची अपने पिता के साथ काम करने वाले युवक विरेंद्र उर्फ भोलू के साथ आखिरी बार देखी गई थी। बाद में उसका शव आरोपी के घर के आंगन में रखे आटे के ड्रम से बरामद हुआ। ट्रायल कोर्ट ने विरेंद्र को हत्या, दुष्कर्म और सबूत मिटाने का दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। उसकी मां कमला देवी को साजिश और शव छिपाने के आरोप में सात साल की सजा दी गई थी।

ट्रायल कोर्ट के फैसले के बाद मौत की सजा की पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट पहुंचा, वहीं दोनों दोषियों ने भी अलग-अलग अपीलें दाखिल कीं।

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Court’s Observations

न्यायमूर्ति अनूप चितकारा और न्यायमूर्ति सुखविंदर कौर की पीठ ने सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड को बारीकी से खंगाला। अदालत ने माना कि बच्ची की उम्र, उसकी हत्या और उस पर हुए यौन अपराध को लेकर कोई विवाद नहीं है। गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य सबूत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि बच्ची आरोपी के साथ थी।

हालांकि, पीठ ने सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि कानून के मुताबिक ऐसे डिजिटल सबूतों के साथ जरूरी प्रमाण-पत्र होना चाहिए, जो इस मामले में सही तरीके से पेश नहीं किया गया।

पीठ ने टिप्पणी की, “भावनात्मक रूप से झकझोर देने वाले मामलों में भी अदालत प्रक्रिया और सबूतों के नियमों से समझौता नहीं कर सकती।”

कमला देवी के मामले में अदालत ने यह भी पाया कि उनका कथित बयान किसी नई खोज की ओर नहीं ले जाता, क्योंकि शव पहले ही बरामद हो चुका था।

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Decision

इन सभी पहलुओं पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने मौत की सजा की पुष्टि से इनकार किया। विरेंद्र की दोषसिद्धि बरकरार रखी गई, लेकिन सजा के सवाल पर ट्रायल कोर्ट के आदेश में बदलाव किया गया। वहीं कमला देवी को साजिश के आरोप में संदेह का लाभ देते हुए आंशिक राहत दी गई। इसके साथ ही डेथ रेफरेंस और अपीलों का निपटारा कर दिया गया।

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Case Title: State of Haryana vs. Virender @ Bholu & Another

Case No.: MRC-2-2020; CRA-D-346-2020; CRA-S-1306-2020

Case Type: Death Reference with Criminal Appeals (Rape and Murder of Minor)

Decision Date: 24 December 2025

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